एक दौर ऐसा भी था जब बेटी के जन्म पर परिजनों के चेहरे उतर जाते थे और बेटा पैदा होने पर उछल-उछलकर, गले मिलकर मिठाईयां बांटी जाती थी. वैसे अब कुरीतियों में जकड़े समाज में कई ऐसे लोग भी सामने आय जिन्होंने बेटी को बेटे से बढ़कर प्यार किया. उन्हें वो मकाम दिया जिसकी वो हकदार हैं. आज बेटियां पापा की पारी बन गई हैं और उनके सपनों को नया आयाम दे रही हैं. अब बेटी पैदा होने पर पार्टी, गाना बजाना होता है. जमकर एक दूसरे का लोग मुंह मीठा कराते हैं. लेकिन जो ऐसा नहीं करते हैं, जरा इस बाप की खुशियों को देख लें. जिनके घर एक बेटी ने जन्म लिया तो खुशी से झूम उठा पिता. अपनी खुशी को जाहिर करने के लिए उसने एक दिन के लिए अपनी सैलून को फ्री कर दिया.
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