महाराष्ट्र के नंदुरबार में रेलू वासवे नाम की एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अपने फर्ज को निभाने के लिए रोजाना 18 किलोमीटर तक नाव चलाकर 6 साल से कम उम्र के बच्चों और गर्भवती महिलाओं की मदद के लिए आंतरिक गांवों में जाती हैं. उनका कहना है कि रोजाना इतनी दूर जाना कठिन है, लेकिन यह ज्यादा महत्वपूर्ण है कि बच्चे और गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार मिले और वे स्वस्थ रहें.
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