देश

⚡सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि पत्नी से 13 दिन तक बात न करना क्रूरता नहीं है; आत्महत्या के मामले में व्यक्ति को बरी किया

By Anita Ram

देश की सर्वोच्च अदालत ने वैवाहिक जीवन और कानूनी मानकों को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. सुप्रीम कोर्ट ने एक व्यक्ति को अपनी पत्नी को क्रूरता का शिकार बनाने के आरोपों से बरी करते हुए कहा कि वैवाहिक जीवन में मतभेद होना एक आम बात है. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल कुछ दिनों तक पत्नी से बातचीत न करने के आधार पर किसी पति को आईपीसी की धारा 498A के तहत क्रूरता का दोषी नहीं ठहराया जा सकता.

...

Read Full Story