वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहने के बावजूद, भारतीय सार्वजनिक और निजी तेल कंपनियां, जिनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज और सरकारी रिफाइनर शामिल हैं, विविध स्रोतों से आयात और ट्रांजिट समझौतों के जरिए घरेलू आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने में सफल रही हैं. सरकार द्वारा निर्यात शुल्क की अगली समीक्षा जून के अंत में किए जाने की संभावना है.
...