मौलवियों ने कहा कि दूसरे धर्म की परंपरा उनके विश्वास के खिलाफ है. मदरसा जामिया शेख-उल हिंद के कुलपति मौलाना मुफ्ती असद कासमी ने कहा, मुसलमानों को केवल अपने धर्म का पालन करना चाहिए. शरिया के अनुसार अन्य धर्मों की परंपराओं को अपनाने की अनुमति नहीं है.
...