बीएमसी जैसे बड़े महानगर में स्थानीय उम्मीदवारों की व्यक्तिगत छवि, मैदान स्तर पर संगठन, मतदान प्रतिशत और आखिरी दिनों की हवा कई बार सर्वे अनुमानों को पलट चुके हैं. इसलिए कहा जा सकता है कि रुझान भले ही महायुति के पक्ष में हों, लेकिन अंतिम फैसला 15 जनवरी को वोटिंग और 16 जनवरी को होने वाली मतगणना ही तय करेगी कि मुंबई की सत्ता पर किसका परचम लहराएगा.
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