महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'मुख्यमंत्री माझी लाड़की बहिन योजना' के तहत बड़े पैमाने पर चलाए गए ई-केवाईसी सत्यापन अभियान के बाद लगभग 80 लाख महिला आवेदकों को अपात्र घोषित कर दिया गया है. इस कटौती के बाद लाभार्थियों की कुल संख्या 2.4 करोड़ से घटकर 1.7 करोड़ रह गई है. विपक्ष ने इस कदम को लेकर राज्य सरकार के वित्तीय संकट में होने का आरोप लगाया है, जबकि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक पारदर्शी प्रक्रिया है जिसके जरिए फर्जी और अपात्र लोगों को बाहर किया गया है.
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