By Bhasha
उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि व्यक्ति की स्वतंत्रता ‘अहम’ है और ज़मानत की अर्ज़ी पर जितनी जल्दी मुमकिन हो सुनवाई की जानी चाहिए.