हैती की अंतरिम सरकार के इस हैरान करने वाले अनुरोध ने वर्ष 1915 के उन घटनाक्रमों की याद ताजा कर दी है, जब नाराज भीड़ हैती के तत्कालीन राष्ट्रपति विलब्रन गुइलाउमे सैम को घसीटकर फ्रांसीसी दूतावास के बाहर ले आई थी और उसने उनकी पीट-पीट कर हत्या कर दी थी.
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