ज्ञातव्य है कि सरकारी सेवा में नियुक्त शिक्षक, कर्मचारी एवं अधिकारियों को सेवानिवृत्ति होने पर जीवनयापन के लिए मासिक पेंशन दी जाती थी. केंद्र की तत्कालीन भारतीय जनता पार्टी सरकार ने नियमावली बनायी थी, जिसके आधार पर अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त शिक्षक और कर्मचारियों की मासिक पेंशन की योजना समाप्त की गयी.
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