China Coal Mine Blast: चीन में भीषण कोयला खदान हादसा, गैस विस्फोट में 89 श्रमिकों की मौत; राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने दिए व्यापक बचाव अभियान के निर्देश (Watch Video)
कोयला खदान (Photo Credits: File Image)

बीजिंग, 23 मई: उत्तरी चीन (Northern China) के शांक्सी प्रांत (Shanxi Province) में एक बड़ा और दर्दनाक औद्योगिक हादसा सामने आया है. चांग्झी शहर (Changzhi City) में स्थित 'लियूशेन्यू कोयला खदान' (Liushenyu Coal Mine) के भीतर शुक्रवार शाम को हुए एक भीषण गैस विस्फोट में कम से कम 89 श्रमिकों की मौत हो गई है. चीनी राज्य मीडिया के अनुसार, मलबे और खदान के भीतर फंसे श्रमिकों की तलाश में रातभर चले सघन बचाव अभियान के बाद शनिवार सुबह मौतों का यह आंकड़ा तेजी से बढ़ा, जबकि शुरुआत में केवल आठ लोगों की मौत की पुष्टि की गई थी.

आधिकारिक सरकारी प्रसारक सीसीटीवी (CCTV) ने अपनी ताजा रिपोर्ट में पुष्टि की है कि खदान के भीतर से अब तक 89 शव निकाले जा चुके हैं. यह धमाका शुक्रवार स्थानीय समयानुसार शाम करीब 7:30 बजे हुआ, जिसने पूरी खदान के आंतरिक ढांचे को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया. यह भी पढ़ें: Meghalaya Coal Mine Blast: मेघालय में बड़ा हादसा, कोयला खदान में भीषण धमाके से 10 मजदूरों की मौत, कई घायल; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

खदान में बढ़ गया था कार्बन मोनोऑक्साइड का स्तर

प्रारंभिक जांच और तकनीकी रिपोर्टों से संकेत मिले हैं कि विस्फोट से ठीक पहले खदान के भीतर जहरीली गैस कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) का स्तर अपनी तय सुरक्षित सीमाओं से काफी ऊपर चला गया था. इस गैस के खतरनाक स्तर पर पहुंचने के बावजूद खनन कार्य जारी रहने को लेकर अब गंभीर सुरक्षा चूकों (Safety Failures) और असुरक्षित कार्य स्थितियों पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं.

धमाके की सूचना मिलते ही बीजिंग और प्रांतीय राजधानी से राष्ट्रीय आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमों (Emergency Response Teams) को तुरंत विमानों के जरिए मौके पर रवाना किया गया, जिन्होंने वेंटिलेशन सिस्टम को दुरुस्त कर भीतर फंसे अन्य कर्मियों को निकालने के लिए रातभर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया.

चीन की कोयला खदान में धमाका

राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने दिए कड़ी जांच के आदेश

इस विनाशकारी आपदा का संज्ञान लेते हुए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बीजिंग से एक आपातकालीन निर्देश जारी किया है. उन्होंने स्थानीय प्रशासन और सेना की बचाव प्रणालियों को 'ऑल आउट रेस्क्यू' (पूरी ताकत झोंककर बचाव कार्य करने) का आदेश दिया है, ताकि यदि कोई भी श्रमिक जीवित फंसा हो तो उसे सुरक्षित निकाला जा सके.

इसके साथ ही, राष्ट्रपति ने इस पूरी आपदा के कारणों की तह तक जाने के लिए एक उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच समिति का गठन करने का निर्देश दिया है. सरकारी बयानों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जांच पूरी होने के बाद खदान प्रबंधन और नियामक अधिकारियों में से जो भी इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोरतम आपराधिक और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.

चीन का मुख्य कोयला उत्पादक केंद्र है शांक्सी

यह भीषण हादसा जिस शांक्सी (Shanxi) प्रांत में हुआ है, वह चीन की अर्थव्यवस्था के लिए ऊर्जा का सबसे मुख्य केंद्र माना जाता है. यह प्रांत अकेले चीन के कुल कोयला उत्पादन का लगभग एक-तिहाई हिस्सा उत्पादित करता है. लगभग 3.4 करोड़ की आबादी वाले इस प्रांत ने पिछले वर्ष रिकॉर्ड 1.3 अरब टन कोयले का उत्पादन किया था.

चीन का खनन उद्योग दुनिया के सबसे खतरनाक उद्योगों में से एक रहा है. यद्यपि सरकार ने हाल के वर्षों में खदानों में सुरक्षा मानकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लाने और आधुनिक तकनीक का उपयोग करने के कई वादे और प्रयास किए हैं, लेकिन इसके बावजूद देश के विभिन्न प्रांतों से लगातार आने वाले ऐसे जानलेवा हादसे औद्योगिक सुरक्षा के कड़े दावों की पोल खोलते नजर आते हैं.