Earthquake in Iran: ईरान में मिसाइलों की बारिश के बीच भूकंप के तेज झटके, 4.1 की तीव्रता से कांपी धरती
ईरान में युद्ध के बीच प्राकृतिक आपदा ने भी दस्तक दी है. दक्षिण ईरान के बंदर अब्बास क्षेत्र में 4.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया है. यह घटना ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष चरम पर है.
तेहरान/बंदर अब्बास: युद्ध की विभीषिका झेल रहे ईरान में शनिवार सुबह भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए. यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, दक्षिणी ईरान के बंदर अब्बास शहर से लगभग 74 किलोमीटर पश्चिम में 4.1 तीव्रता का भूकंप आया. भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था. गौरतलब है कि इसी सप्ताह मंगलवार को भी ईरान के दक्षिणी प्रांत फार्स के गेराश इलाके में 4.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था.
सैन्य संघर्ष और हवाई हमलों का साया
यह प्राकृतिक आपदा ऐसे समय में आई है जब ईरान एक बड़े सैन्य संघर्ष के दौर से गुजर रहा है. पिछले एक सप्ताह से अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तनाव अपने चरम पर है. 28 फरवरी और 1 मार्च की दरमियानी रात हुए हवाई हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता की मृत्यु के बाद से ही पूरे क्षेत्र में जवाबी हमलों का सिलसिला जारी है. यह भी पढ़े: US-Israel-Iran War: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस का दावा, ट्रंप नहीं चाहते लंबा युद्ध चले, लक्ष्य सिर्फ ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना
खाड़ी देशों में अलर्ट और दहशत
ईरान के साथ-साथ कुवैत, ओमान, यूएई और कतर जैसे खाड़ी देशों में भी संभावित मिसाइल हमलों का खतरा बना हुआ है. गुरुवार को दुबई और कतर के निवासियों को उनके मोबाइल फोन पर मिसाइल हमले की चेतावनी वाले अलर्ट प्राप्त हुए थे, हालांकि बाद में इस खतरे को टाल दिया गया. बड़े शहरों में हो रहे विस्फोटों के कारण आम जनता में भारी दहशत का माहौल है.
युद्ध में अब तक की जनहानि
न्यूज एजेंसी एपी (AP) की रिपोर्ट के अनुसार, एक सप्ताह पहले शुरू हुए इस भीषण संघर्ष में अब तक भारी नुकसान हुआ है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक:
- ईरान: कम से कम 1,230 लोगों की मौत.
- लेबनान: 200 से अधिक लोगों की जान गई.
- इजरायल: लगभग एक दर्जन लोगों की मृत्यु की पुष्टि हुई है.
भू-राजनीतिक प्रभाव
विशेषज्ञों का मानना है कि भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाएं युद्धग्रस्त क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों को और अधिक जटिल बना देती हैं. बंदर अब्बास का क्षेत्र सामरिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह होर्मुज जलडमरूमध्य के करीब स्थित है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है. सैन्य तनाव और भूकंपीय गतिविधि के दोहरे संकट ने इस क्षेत्र में मानवीय संकट गहरा दिया है.