Brazil Alien Attack Alert: ब्राजील में हैकर्स ने इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम किया हैक, लोगों के फोन पर भेजा 'एलियन अटैक' का फर्जी संदेश
ब्राजील की राष्ट्रीय नागरिक सुरक्षा एजेंसी (National Civil Defense) ने सोशल मीडिया के माध्यम से बताया कि सुरक्षा उल्लंघन के बाद इमरजेंसी अलर्ट प्लेटफॉर्म को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है. एजेंसी के अनुसार, चेतावनी संदेश एक ऐसे व्यक्ति द्वारा दूरस्थ रूप से भेजे गए थे, जिसका संगठन से कोई संबंध नहीं था.
Brazil Emergency Alert System Hacked: ब्राजील के कई शहरों में उस समय हड़कंप मच गया जब हजारों लोगों के मोबाइल फोन पर कथित एलियन हमले (Alien Attack) को लेकर फर्जी चेतावनी संदेश पहुंचने लगे. बाद में अधिकारियों ने पुष्टि की कि यह संदेश किसी वास्तविक खतरे से संबंधित नहीं थे, बल्कि देश की राष्ट्रीय नागरिक सुरक्षा चेतावनी प्रणाली (Civil Defense Alert System) को हैक कर भेजे गए थे. यह भी पढ़ें:
अधिकारियों के मुताबिक, हैकर्स ने आपातकालीन चेतावनी नेटवर्क में सेंध लगाकर लोगों को डराने वाले संदेश भेजे. इन संदेशों में नागरिकों से खुद को एलियन हमले से बचाने की अपील की गई थी. कई लोगों को मिले संदेशों में वर्तनी की गलतियां भी थीं, जिससे उनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे.
हजारों लोगों को मिला 'एलियन अटैक' का अलर्ट
सुरक्षा एवं नागरिक रक्षा सचिव वोल्नेई वुल्फ (Volnei Wolf) ने बताया कि राज्य की आपातकालीन चेतावनी प्रणाली साइबर हमले का शिकार हुई. इसके चलते नागरिकों के फोन पर एलियन हमले की चेतावनी वाले संदेश पहुंच गए. एक संदेश में लिखा था, "सावधान: एलियन हमला. लोगों, हम आ चुके हैं."
हालांकि अधिकारियों ने यह नहीं बताया कि सिस्टम में सेंध कैसे लगाई गई और कितने लोगों को यह संदेश प्राप्त हुआ. घटना के बाद सोशल मीडिया पर इन अलर्ट्स के स्क्रीनशॉट तेजी से वायरल होने लगे.
‘एलियन का हमला; इंसानों, हम आ गए हैं’
#ULTIMAHORA | 🇧🇷 | HACKERS DESATAN EL PÁNICO EN BRASIL CON UNA FALSA ALERTA DE “ATAQUE ALIENÍGENA”
⚠️👽📱 Millones de personas recibieron una alerta falsa que decía: “ALIEN ATTACK, HUMANS WE ARRIVED”, después de que un grupo de hackers comprometiera un sistema de notificaciones… pic.twitter.com/rxh2xdH5w6
— Quesdilla de Verdades Youtube (@QuesaVerdadess) June 20, 2026
राष्ट्रीय नागरिक सुरक्षा एजेंसी ने दी सफाई
ब्राजील की राष्ट्रीय नागरिक सुरक्षा एजेंसी (National Civil Defense) ने सोशल मीडिया के माध्यम से बताया कि सुरक्षा उल्लंघन के बाद इमरजेंसी अलर्ट प्लेटफॉर्म को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है. एजेंसी के अनुसार, चेतावनी संदेश एक ऐसे व्यक्ति द्वारा दूरस्थ रूप से भेजे गए थे, जिसका संगठन से कोई संबंध नहीं था.
अधिकारियों ने कहा कि आगे किसी भी अनधिकृत संदेश को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं. फिलहाल मामले की जांच जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि साइबर हमले के पीछे कौन जिम्मेदार है.
साइबर सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
इस घटना ने सरकारी आपातकालीन संचार प्रणालियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के फर्जी अलर्ट लोगों में दहशत फैला सकते हैं और वास्तविक आपातकालीन स्थितियों में भ्रम की स्थिति पैदा कर सकते हैं.
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब दुनिया भर में साइबर अपराध और डिजिटल सुरक्षा उल्लंघनों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. हाल ही में एक अन्य साइबर अपराध मामले में हैकर्स पर करीब 17 लाख अमेरिकी डॉलर मूल्य के कंडोम और लुब्रिकेंट्स की खेप चोरी करने का आरोप लगा था. हालांकि दोनों घटनाएं एक-दूसरे से जुड़ी नहीं हैं, लेकिन ये बढ़ते साइबर खतरों की ओर जरूर इशारा करती हैं.
ब्राजील के अधिकारी फिलहाल इस मामले की गहन जांच कर रहे हैं और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही हमले के जिम्मेदार लोगों की पहचान कर ली जाएगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 21, 2026 08:12 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

