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2023 में एशिया जलवायु, मौसमी आपदाओं से सबसे अधिक प्रभावित रहा

साल 2023 के दौरान मौसम, जलवायु व जल संबंधी संकटों के कारण एशिया, दुनिया का सर्वाधिक आपदा-प्रभावित क्षेत्र रहा.

2023 में एशिया जलवायु, मौसमी आपदाओं से सबसे अधिक प्रभावित रहा
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

साल 2023 के दौरान मौसम, जलवायु व जल संबंधी संकटों के कारण एशिया, दुनिया का सर्वाधिक आपदा-प्रभावित क्षेत्र रहा.2023 में एशिया में पानी से संबंधित 79 मौसमी आपदाएं दर्ज की गईं. उनमें से 80 प्रतिशत से अधिक बाढ़ और तूफान थे जिनके कारण 2,000 से अधिक मौतें हुईं और अन्य 90 लाख लोगों पर सीधा असर पड़ा.

विश्व मौसम संगठन (डब्ल्यूएमएओ) की एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा तबाही तूफान और बाढ़ ने मचाई. संयुक्त राष्ट्र की मौसम विज्ञान एजेंसी ने कहा कि एशिया विशेष रूप से तेजी से गर्म हो रहा है.

विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमएओ) के मुताबिक एशिया में गर्मी की लहरों का प्रभाव अधिक गंभीर होता जा रहा है और ग्लेशियरों के पिघलने से क्षेत्र में भविष्य में पानी की कमी का खतरा पैदा हो गया है.

डब्ल्यूएमएओ के अनुसार एशिया वैश्विक औसत की तुलना में ज्यादा तेजी से गर्म हो रहा है. 1961 और 1990 के बीच तापमान की औसत से के लिहाज से पिछला साल लगभग दो डिग्री सेल्सियस अधिक गर्म था.

एशिया में तूफान और बाढ़ की तबाही

डब्लूएमओ की महासचिव सेलेस्ट साउलो ने कहा, "रिपोर्ट के निष्कर्ष बेहद गंभीर हैं. इस क्षेत्र में कई देशों में 2023 सबसे गर्म वर्ष रहा और सूखे और तापलहर से लेकर बाढ़ व तूफान जैसी अनगिनत चरम मौसमी घटनाएं देखने को मिलीं."

रिपोर्ट में कहा गया है कि जलवायु परिवर्तन का समाज, अर्थव्यवस्था और सबसे महत्वपूर्ण मानव जीवन और पर्यावरण पर गहरा प्रभाव पड़ता है.

एशिया में जलवायु की स्थिति 2023 की रिपोर्ट में जलवायु परिवर्तन के प्रमुख संकेतकों, जैसे सतह के तापमान, ग्लेशियर के पिघलने और समुद्र के स्तर में वृद्धि की तेज दर पर प्रकाश डाला गया है और कहा गया है कि इस क्षेत्र के सभी समाजों पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा.

संवेदनशील क्षेत्र

डब्लूएमओ ने कहा, "2023 में एशिया मौसम, जलवायु और पानी से संबंधित खतरों के लिए दुनिया का सबसे संवेदनशील क्षेत्र रहा."

रिपोर्ट के मुताबिक विशेष रूप से पश्चिमी साइबेरिया से लेकर मध्य एशिया और पूर्वी चीन से जापान तक उच्च औसत तापमान दर्ज किया गया. जापान में भी पिछले साल रिकॉर्ड गर्मी पड़ी थी जबकि हिमालय और हिंदूकुश पर्वत श्रृंखला, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में भी सामान्य से कम वर्षा हुई. चीन को पूरे साल सामान्य से कम वर्षा के कारण सूखे का सामना करना पड़ा.

पिछले कई दशकों के दौरान उच्च पर्वतीय एशियाई क्षेत्र के अधिकांश ग्लेशियर समय से पहले और तेज गति से पिघलने लगे हैं. डब्लूएमओ ने कहा, "क्षेत्र में जांचे गए 22 ग्लेशियरों में से बीस पिछले साल की तुलना में अधिक प्रभावित थे."

रिपोर्ट में कहा गया 2023 में उत्तर पश्चिमी प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह का तापमान रिकॉर्ड पर सबसे अधिक दर्ज हुआ. यहां तक ​​कि आर्कटिक महासागर को भी समुद्री तापलहरों का सामना करना पड़ा.

90 लाख लोगों पर सीधा असर

डब्लूएमओ के मुताबिक, "2023 में रिपोर्ट की गईं घटनाओं में बाढ़ मौत का प्रमुख कारण थी."

साउलो ने कहा, ''समय की नजाकत को समझते हुए, यह जरूरी है कि हम रणनीति बनाकर इस संबंध में तत्काल कदम उठाएं." उन्होंने आगे कहा, "ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करना और पानी और अनुकूलन उपायों को बदलना सिर्फ एक विकल्प नहीं है, बल्कि एक बुनियादी आवश्यकता है."

एए/वीके (एएफपी, रॉयटर्स)

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 25, 2024 01:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).