Siddharthnagar Faizal Khan Viral Video Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें कुछ युवक मिलकर एक युवक को लात-घूंसे और डंडों से पीटते नजर आ रहे हैं. इस वीडियो को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश करते हुए कई सोशल मीडिया हैंडल और नेताओं ने दावा किया कि यह घटना उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर की है, जहां एक मुस्लिम युवक फैजल खान को सिर्फ धर्म के आधार पर पीटा गया. सपा नेता आईपी सिंह ने ट्वीट किया कि योगी सरकार में मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है.
उन्होंने लिखा कि सिद्धार्थनगर में फैजल खान को चंदन पांडे और उसके गुर्गों ने मुसलमान होने के नाते मारने की कोशिश की. कई अन्य यूजर्स ने भी इस दावे को बिना जांचे-परखे शेयर कर दिया.
'योगी सरकार में मुसलमान निशाने पर'
यूपी के सिद्धार्थनगर में एक मुस्लिम युवक को चंदन पाण्डेय नाम का अपराधी गुंडों के साथ मुसलमान होने के नाते पीट-पीट कर मार देना चाहता है।
योगी सरकार में मुसलमान निशाने पर हैं। pic.twitter.com/c8ELl9IGjx
— I.P. Singh (@IPSinghSp) August 2, 2025
अब आइए करते हैं फैक्ट चेक
जब इस वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने इसकी पड़ताल शुरू की, तो हमें दैनिक भास्कर की 31 जुलाई 2025 की रिपोर्ट मिली. रिपोर्ट में साफ लिखा गया है कि घटना सिद्धार्थनगर जिले के बर्डपुर इलाके की है. पीड़ित युवक का नाम फैजल है और पिटाई करने वालों में संजय, चंदन, अमजद सहित पांच लोग शामिल हैं.
पुलिस जांच के मुताबिक फैजल और संजय के बीच कुछ दिन पहले किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी. इसी रंजिश के चलते यह मारपीट हुई. फैजल की मां नाजमा खातून ने कोतवाली में दर्ज कराई FIR में आरोप लगाया है कि अमजद, चंदन, संजय और तीन अन्य युवकों ने फैजल को बाग में ले जाकर पिटाई की.
निष्कर्ष
यहां गौर करने वाली बात यह है कि आरोपियों में अमजद नाम का युवक भी शामिल है, जो खुद मुस्लिम है. इससे यह साफ होता है कि घटना को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश पूरी तरह भ्रामक और गलत है.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा दावा कि सिद्धार्थनगर में एक मुस्लिम युवक को सिर्फ उसकी धार्मिक पहचान की वजह से पीटा गया, गलत है. यह घटना व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा थी. फैक्ट चेक में यह स्पष्ट हो गया है कि मारपीट में सांप्रदायिक एंगल जोड़ना झूठा और भ्रामक प्रचार है.










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