Kanpur Live Sucide: यूपी के कानपुर से एक बेहद दर्दनाक और सोचने पर मजबूर कर देने वाली घटना सामने आई है. यहां काकादेव थाना क्षेत्र के शास्त्री नगर कॉलोनी में एक महिला ने मानसिक अवसाद (डिप्रेशन) में आकर आत्महत्या कर ली. बताया जा रहा है कि महिला के पति की दो महीने पहले मौत हो गई थी, जिसके बाद से वह गहरे सदमे में थी. घटना शुक्रवार सुबह लगभग 7 बजे की है, जब शास्त्री नगर में स्थित एक 60 फीट ऊंची पानी की टंकी पर महिला चढ़ गई. स्थानीय लोग जब तक कुछ समझ पाते, तब तक महिला टंकी के रेलिंग तक पहुंच गई और छलांग लगाने की कोशिश करने लगी.
महिला की दर्दनाक मौत ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया. लेकिन उससे भी ज्यादा खतरनाक है वो खामोश तमाशा जो इस मौत के दौरान समाज ने किया.
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कानपुर में दर्दनाक हादसा
कानपुर- डिप्रेशन की शिकार महिला पानी की टंकी से कूदी, टंकी पर चढ़ने के बाद पार्षद विनोद गुप्ता ने समझाया, घायल महिला को पार्षद ने अस्पताल में कराया भर्ती, काकादेव थाना क्षेत्र के शास्त्री नगर की घटना.#Kanpur pic.twitter.com/kF1ghF0yKT
— भारत समाचार | Bharat Samachar (@bstvlive) July 11, 2025
महिला की मौत ने उठा दिए कई सवाल
दिनांक 11.07.2025 को प्रातः लगभग 07:00 बजे थाना काकादेव क्षेत्रान्तर्गत शास्त्रीनगर स्थित एक पानी की टंकी पर एक महिला द्वारा चढ़कर नीचे कूद जाने की सूचना प्राप्त हुई। महिला को गंभीर अवस्था में हैलट अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। प्रथम दृष्टया जांच में… pic.twitter.com/NLwcCdQiIF
— POLICE COMMISSIONERATE KANPUR NAGAR (@kanpurnagarpol) July 11, 2025
महिला 15 मिनट तक लटकी रही
पति की मौत के बाद टूट चुकी महिला जब 60 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ी, तो आस-पास के लोगों की भीड़ जुट गई. किसी ने उसे बचाने की कोशिश नहीं की, किसी ने दौड़कर सीढ़ी नहीं लगाई, कोई चादर नहीं लाया. लेकिन हां, मोबाइल कैमरे जरूर ऑन हो गए. वीडियो बनते रहे, हूटिंग होती रहीऔर महिला मौत से जूझती रही. करीब 15 मिनट तक महिला टंकी की रेलिंग से लटकी रही, जैसे शायद आखिरी उम्मीद हो कि कोई आएगा. कोई उसे बचाएगा. लेकिन नजारे में शामिल लोगों के चेहरे पर संवेदना नहीं, सनसनी थी. आखिरकार महिला का हाथ फिसला और वो नीचे गिर गई.
गंभीर रूप से घायल महिला को तत्काल पार्षद विनोद गुप्ता और स्थानीय पुलिस की मदद से हैलट अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अफसोस कि इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
क्या सच में ये समाज मर चुका है?
ये वही समाज है जो सोशल मीडिया पर ‘मेंटल हेल्थ अवेयरनेस डे’ पर पोस्ट करता है, लेकिन जब कोई डिप्रेशन से जूझता इंसान मदद मांगता है, तो उसे या तो पागल समझा जाता है या फिर अनदेखा कर दिया जाता है. ये समाज, कातिल है! यहां इमोशन की कोई क़ीमत नहीं है. ये सिर्फ एक लाइन नहीं, बल्कि वो कड़वा सच है जिसे हम हर दिन जी रहे हैं.
पुलिस के मुताबिक महिला के पति की दो महीने पहले मौत हो गई थी, जिसके बाद वह मानसिक रूप से बहुत परेशान रहने लगी थी. शुक्रवार की सुबह वह अकेले ही टंकी पर चढ़ गई और अंततः जिंदगी से हार मान ली.
आत्महत्या रोकथाम और मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन नंबर
टेली मानस (स्वास्थ्य मंत्रालय) – 14416 या 1800 891 4416; निमहंस – + 91 80 26995000 /5100 /5200 /5300 /5400; पीक माइंड – 080-456 87786; वंद्रेवाला फाउंडेशन – 9999 666 555; अर्पिता आत्महत्या रोकथाम हेल्पलाइन – 080-23655557; आईकॉल – 022-25521111 और 9152987821; सीओओजे मेंटल हेल्थ फाउंडेशन (सीओओजे) – 0832-2252525।
आसरा (मुंबई) 022-27546669, स्नेहा (चेन्नई) 044-24640050, सुमैत्री (दिल्ली) 011-23389090, कूज (गोवा) 0832- 2252525, जीवन (जमशेदपुर) 065-76453841, प्रतीक्षा (कोच्चि) 048-42448830, मैत्री (कोच्चि) 0484-2540530, रोशनी (हैदराबाद) 040-66202000, लाइफलाइन 033-64643267 (कोलकाता)













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