Fact Check: विश्व स्वास्थ्य संगठन ने माना कोरोना एक मौसमी वायरस है? जानें व्हाट्सएप पर वायरल हो रहे इस मैसेज का सच
भारत में कोरोना वायरस की दूसरी लहर खात्मे की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों पर गौर करें तो देश में पिछले 20 दिनों से सक्रिय मामलों की संख्या लगातार घट रही है. सक्रिय मामलों की संख्या 17,93,645 है और रिकवरी रेट बढ़कर 92.48 फीसदी हो गया है.
नई दिल्ली: भारत में कोरोना वायरस (Coronavirus) की दूसरी लहर खात्मे की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों पर गौर करें तो देश में पिछले 20 दिनों से सक्रिय मामलों की संख्या लगातार घट रही है. सक्रिय मामलों की संख्या 17,93,645 है और रिकवरी रेट बढ़कर 92.48 फीसदी हो गया है. इसके बावजूद केंद्र और राज्य सरकारें अभी भी सतर्क हैं और विभिन्न प्रतिबंधों के जरिये लोगों को महामारी के प्रति जागरूक कर रही है. लेकिन इन सब के बीच कुछ शरारती तत्वों ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के नाम से घातक वायरस को लेकर एक फर्जी मैसेज बनाया है, जो अब व्हाट्सएप (WhatsApp) पर वायरल हो रहा है. Fact Check: Jio, Airtel के सिम पर सरकार दे रही है 3 महीने तक फ्री इंटरनेट? जानें वायरल मैसेज का सच
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा कथित रूप से कोविड-19 के सीजनल वायरस होने का दावा किया जा रहा है जिसमें शारीरिक दूरी और आइसोलेशन की जरूरत नहीं है. जबकि डब्ल्यूएचओ ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है. कोविड-19 एक संक्रामक बीमारी है, जिसमें सामाजिक दूरी और आइसोलेशन जरुरी है.
.@WHO द्वारा कथित रूप से #कोरोना के सीजनल वायरस होने का दावा किया जा रहा है जिसमें शारीरिक दूरी और आइसोलेशन की जरूरत नहीं है#PIBFactCheck:यह दावा #फर्जी है।#COVID19 एक संक्रामक रोग है व इसमे #कोविड अनुकूल व्यवहार अपनाना आवश्यक है।
▶️मास्क पहनें
▶️हाथ धोएं
▶️शारीरिक दूरी बनाएं pic.twitter.com/7BQANS6uy3
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) June 2, 2021
व्हाट्सएप पर वायरल हो रहे इस मैसेज में लिखा है “डब्ल्यूएचओ ने अपनी गलती मानते हुए पूरी तरह से यू-टर्न लेते हुए कहा है कि कोरोना एक सीजनल वायरस है. यह मौसम बदलाव के दौरान होने वाला खांसी जुकाम गला दर्द है. इससे घबराने की जरुरत नहीं है. डब्ल्यूएचओ अब कहता है कि कोरोना रोगी को न तो अलग रहने की जरुरत है और न ही जनता को सोशल डिस्टेंसिंग की जरुरत है. यह एक मरीज से दूसरे व्यक्ति में भी संचारित नहीं होता.”
पीआईबी फैक्ट चेक (PIB Fact Check) ने एक ट्वीट कर स्पष्ट कहा है कि यह दावा फर्जी है. डब्ल्यूएचओ की ओर से कभी ऐसी बात कहीं ही नहीं गई है. कोविड-19 एक संक्रामक रोग है व इसमे कोविड अनुकूल व्यवहार अपनाना आवश्यक है. कोरोना वायरस के संक्रमण से खुद को बचाने के लिए मास्क पहनें, हाथ धोएं और शारीरिक दूरी बनाएं रखें.
Fact check
डब्ल्यूएचओ ने कोरोना को एक सीजनल वायरस कहा है.
डब्ल्यूएचओ की ओर से कभी ऐसी बात कहीं ही नहीं गई है. कोरोना वायरस एक घातक संक्रामक वायरस है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 02, 2021 03:37 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

