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बेंगलुरु में वीआईपी काफिले का विरोध: राज्यपाल के 'जीरो-ट्रैफिक' के कारण फंसा शख्स, बीच सड़क पर बैठकर कहा—‘पत्नी गर्भवती है, इमरजेंसी हुई तो क्या करूँगा?’ (Watch Video)

बेंगलुरु के व्यस्त एचएएल ओल्ड एयरपोर्ट रोड पर राज्यपाल के काफिले को निकालने के लिए लगाए गए 'जीरो-ट्रैफिक' प्रतिबंधों के खिलाफ एक व्यक्ति ने बीच सड़क पर बैठकर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया. लगभग 30 मिनट तक यातायात रोके जाने से नाराज व्यक्ति ने सुरक्षाकर्मियों से सवाल किया कि उसकी पत्नी गर्भवती है और यदि कोई मेडिकल इमरजेंसी होती है, तो ऐसी स्थिति में आम नागरिक क्या करेगा. सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद वीआईपी संस्कृति और जनता को होने वाली असुविधा पर एक बार फिर बहस छिड़ गई है.

बेंगलुरु में वीआईपी काफिले का विरोध: राज्यपाल के 'जीरो-ट्रैफिक' के कारण फंसा शख्स, बीच सड़क पर बैठकर कहा—‘पत्नी गर्भवती है, इमरजेंसी हुई तो क्या करूँगा?’ (Watch Video)
राज्यपाल के 'जीरो-ट्रैफिक' के कारण फंसा शख्स (Photo Credits: X)

बेंगलुरु, 1 जून: कर्नाटक (Karnataka) की राजधानी बेंगलुरु (Bengaluru) में वीआईपी काफिले (VIP Convoy)  की आवाजाही के दौरान आम जनता को होने वाली भारी असुविधा का एक बड़ा मामला सामने आया है. शहर के व्यस्त एचएएल ओल्ड एयरपोर्ट रोड (HAL Old Airport Road) पर राज्यपाल के काफिले को सुरक्षित रास्ता देने के लिए लगाए गए कड़े यातायात प्रतिबंधों के विरोध में एक व्यक्ति ने बीच सड़क पर बैठकर धरना दिया. सोशल मीडिया (Sociao Media) पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो (Viral Video) के अनुसार, इस व्यक्ति ने वीआईपी संस्कृति पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि उसकी पत्नी गर्भवती है और इस तरह के लंबे जाम के कारण किसी भी आपातकालीन चिकित्सा स्थिति में उसे भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. यह भी पढ़ें: VIDEO: नासिक-मुंबई हाईवे पर तेज रफ्तार कार की टक्कर से हवा में उछली बुजुर्ग महिला

राज्यपाल के काफिले के लिए 30 मिनट तक रोका गया ट्रैफिक

आधिकारिक रिपोर्ट्स और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वीआईपी मूवमेंट के तहत राज्यपाल के काफिले को निकालने के लिए 'जीरो-ट्रैफिक' (Zero-Traffic) की व्यवस्था की गई थी, जिसके कारण व्यस्त कॉरिडोर पर वाहनों की आवाजाही को लगभग 30 मिनट के लिए पूरी तरह रोक दिया गया था. इस अचानक और लंबे ठहराव के कारण सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कार्यालय व अन्य गंतव्यों के लिए यात्रा कर रहे सैकड़ों वाहन चालक फंस गए.

इसी दौरान जाम से तंग आकर एक व्यक्ति अपनी गाड़ी से बाहर निकला और विरोध स्वरूप सीधे सड़क पर बैठ गया. उसने सुरक्षा व्यवस्था पर आक्रोश जताते हुए पूछा कि यदि कोई नागरिक गंभीर या आपातकालीन स्थिति का सामना कर रहा हो, तो वह इन बंद रास्तों के बीच कैसे प्रबंधन करेगा. शख्स ने चिल्लाते हुए कहा, "मेरी पत्नी गर्भवती है. ऐसी स्थिति में मैं क्या करूँ?.'

राज्यपाल के काफिले के लिए 30 मिनट तक ट्रैफिक रोके जाने के विरोध में बेंगलुरु की सड़क पर बैठा एक व्यक्ति 

यातायात पुलिस की समझाइश के बाद शांत हुआ मामला

सड़क के बीचों-बीच शख्स के इस प्रतीकात्मक और शांतिपूर्ण विरोध ने वहां मौजूद अन्य वाहन चालकों और ड्यूटी पर तैनात यातायात पुलिसकर्मियों का ध्यान तुरंत अपनी ओर खींचा. स्थिति को बिगड़ता देख बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ कर्मी प्रदर्शनकारी के पास पहुंचे और उनसे बातचीत की.

पुलिस अधिकारियों ने शख्स को आश्वासन दिया कि यदि कोई आपातकालीन स्थिति या चिकित्सा आवश्यकता उत्पन्न होती है, तो प्रशासन द्वारा तुरंत आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी. पुलिस द्वारा स्थिति को कुशलतापूर्वक संभालने और उचित आश्वासन दिए जाने के बाद, प्रदर्शनकारी शांत हुआ और शांतिपूर्वक वहां से हट गया. इसके बाद क्षेत्र में सामान्य यातायात की आवाजाही बहाल कर दी गई और किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली.

एचएएल ओल्ड एयरपोर्ट रोड: बेंगलुरु का व्यस्ततम कॉरिडोर

यह घटना इसलिए भी अधिक ध्यान आकर्षित कर रही है क्योंकि एचएएल ओल्ड एयरपोर्ट रोड बेंगलुरु के सबसे प्रमुख और व्यस्ततम यातायात मार्गों में से एक है. इस मार्ग पर सामान्य दिनों में भी वाहनों का अत्यधिक दबाव रहता है. ऐसे में आधे घंटे का 'जीरो-ट्रैफिक' प्रतिबंध इस पूरे क्षेत्र की परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह ठप करने के लिए पर्याप्त था, जिससे यात्रियों में भारी असंतोष देखा गया.

मुंबई में भी सामने आया था ऐसा ही वाकया

बेंगलुरु में हुआ यह विरोध प्रदर्शन देश के महानगरों में वीआईपी और राजनीतिक गतिविधियों के कारण आम जनता को होने वाली परेशानियों की श्रृंखला में नवीनतम है. हाल ही में महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में भी इसी तरह का एक मामला सामने आया था.

मुंबई में एक राजनीतिक विरोध प्रदर्शन के कारण लगे लंबे ट्रैफिक जाम में फंसी एक महिला ने अपने बच्चे को स्कूल से लेने जाने के दौरान महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन को सीधे तौर पर आड़े हाथों लिया था. उस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था, जिसके बाद राजनीतिक रैलियों और वीआईपी काफिलों से आम जनता की दिनचर्या पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों को लेकर देशव्यापी बहस शुरू हो गई है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 01, 2026 01:21 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).