PM Modi Resignation Viral Post: सोशल मीडिया पर एक बड़ी खबर वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 जुलाई 2025 को देश को संबोधित करते हुए इस्तीफा देने वाले हैं. वजह बताई जा रही है उनकी 75वीं सालगिरह जो 17 सितंबर को आने वाली है. कुछ लोग इसे RSS की नीति से भी जोड़ रहे हैं. लेकिन क्या ये सब बातें सही हैं या फिर सिर्फ एक अफवाह? आइए, फैक्ट्स के आधार पर बात करते हैं. सबसे पहली बात, भारतीय संविधान में प्रधानमंत्री के इस्तीफे या उम्र सीमा को लेकर कोई नियम नहीं है. 75 साल की उम्र को लेकर BJP में जरूर एक परंपरा है, लेकिन ये कानून नहीं है.
लाल कृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी जैसे नेताओं को जरूर किनारे किया गया था, लेकिन हर नेता पर ये लागू हो, ये जरूरी नहीं.
'PM मोदी अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं'
कल राष्ट्र के सम्बोधन में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं।
17 सितंबर 2025 को 75 वर्ष के हो रहे हैं।
सिद्धांत से कभी समझौता उन्होंने नहीं किया है।
संघप्रमुख ने इसका इशारा पहले ही कर दिया था।
— I.P. Singh (@IPSinghSp) July 28, 2025
'17 सितंबर 2025 को 75 वर्ष के हो रहे हैं'
कल राष्ट्र के सम्बोधन में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं।
17 सितंबर 2025 को 75 वर्ष के हो रहे हैं।#पीएम_नरेंद्र_मोदी #मोदी #primer_minister #modi #प्रधान_मंत्री pic.twitter.com/2xRJX3Q0NE
— The Bihar (@TheBihar29) July 28, 2025
किसी मीडिया संस्थान में खबर नहीं छपी
अब बात करते हैं आरएसएस की. अभी तक संघ या भाजपा की ओर से ऐसा कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, जिससे लगे कि मोदीजी इस्तीफा देने वाले हैं. दरअसल, मार्च 2025 में Hindustan Times में संजय राउत के हवाले से एक रिपोर्ट छपी थी, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि मोदीजी ने संघ के साथ रिटायरमेंट को लेकर चर्चा की थी. लेकिन यह सिर्फ एक बयान था, कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई.
साथ ही, किसी भी न्यूज वेबसाइट या मीडिया संस्थान ने ऐसी कोई खबर नहीं छापी है जिससे इस दावे की पुष्टि हो सके.
लोकप्रियता अभी भी काफी मजबूत
इतना ही नहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता आज भी चरम पर है. 2024 के आम चुनावों में BJP की लगातार तीसरी जीत इसी का सबूत है. उन्होंने खुद या पार्टी ने कहीं से इस्तीफे के संकेत नहीं दिए हैं.
असलियत ये है कि पीएम मोदी की लोकप्रियता अभी भी काफी मजबूत है. हाल ही में हुए लोकसभा चुनावों में बीजेपी को जनता ने दोबारा मौका दिया है. ऐसे में मोदीजी का अचानक इस्तीफा देना तर्कसंगत नहीं लगता.
रिटायरमेंट उम्र की कोई बाध्यता नहीं
राजनीतिक विज्ञान के विशेषज्ञ भी साफ कहते हैं कि भारतीय राजनीति में रिटायरमेंट उम्र की कोई बाध्यता नहीं है. Indian Journal of Political Science जैसे प्रतिष्ठित जर्नल्स में भी इस तरह की कोई नीति दर्ज नहीं है. इसलिए I.P. Singh की पोस्ट को एक अफवाह ही कहा जाएगा, जिसका आधार न कोई दस्तावेज़ी सबूत है, न ही आधिकारिक ऐलान.
कई लोग इस पोस्ट को विपक्षी रणनीति से भी जोड़कर देख रहे हैं, ताकि भ्रम फैलाया जा सके. कुछ यूज़र्स सोशल मीडिया पर मज़ाक में यहां तक कह रहे हैं कि अगला प्रधानमंत्री अखिलेश या योगी होंगे!
दावे की विश्वसनीयता पर उठे सवाल
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही यह पोस्ट पूर्व यूजर @IPSinghSp और @TheBihar29 के अकाउंट से आई है, जिनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं. ध्यान रहे कि आईपी सिंह सपा के बड़े नेता हैं और यूपी के पूर्व कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं. ऐसे में उनका इस दावे पर गौर किया जा रहा है.
तो कुल मिलाकर, ये खबर सिर्फ सोशल मीडिया की गप लगती है. जब तक खुद सरकार या पीएम की तरफ से कोई आधिकारिक जानकारी न आए, तब तक इन बातों को अफवाह ही मानें.













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