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Influencer MMS Row: सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को निशाना बना रहे 'फर्जी वीडियो और डीपफेक'; प्रीति पासवान, पायल गेमिंग समेत इन 5 नामों से फैल रहा जाल, जानें सच्चाई

इंटरनेट पर हाल के दिनों में कई लोकप्रिय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और डिजिटल क्रिएटर्स को 'एमएमएस लीक' और 'वायरल वीडियो' के झूठे दावों के जरिए निशाना बनाया गया है. जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट में सामने आया है कि प्रीति पासवान, पायल गेमिंग और हेतल परमार जैसी हस्तियों के नाम पर फैलाए जा रहे ये वीडियो पूरी तरह फर्जी, मॉर्फ्ड या एआई डीपफेक हैं.

Influencer MMS Row: सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को निशाना बना रहे 'फर्जी वीडियो और डीपफेक'; प्रीति पासवान, पायल गेमिंग समेत इन 5 नामों से फैल रहा जाल, जानें सच्चाई
हालिया MMS क्लिप विवाद में निशाने पर आए 5 इन्फ्लुएंसर्स की लिस्ट (Photo Credits: Facebook)

नई दिल्ली, 19 जून: डिजिटल स्पेस में लोकप्रियता हासिल करने वाली कई महिला सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स (Social Media Influencers and Content Creators) को इन दिनों इंटरनेट पर 'एमएमएस लीक' (MMS Leak) और 'विवादित वीडियो' (Controversial Video) के झूठे दावों के जरिए बदनाम करने की कोशिश की जा रही है. प्रीति पासवान, सोफिया एसके, सानिया भारद्वाज, हेतल परमार और पायल धारे (पायल गेमिंग) जैसी नामचीन हस्तियों के नाम का इस्तेमाल कर टेलीग्राम, व्हाट्सएप और एक्स (ट्विटर) पर क्लिकबैट लिंक्स फैलाए जा रहे हैं. फैक्ट-चेक और खुद क्रिएटर्स के बयानों से साफ हो गया है कि ये दावे पूरी तरह से मनगढ़ंत हैं. साइबर विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ऐसे वीडियो डाउनलोड करने के बहाने फैलाए जा रहे लिंक्स असल में मैलवेयर (वायरस) और फिशिंग नेटवर्क का हिस्सा हैं, जो यूजर्स का पर्सनल डेटा चुरा सकते हैं. यह भी पढ़ें: Saniya Bhardwaj Viral Video Link: सानिया भारद्वाज वायरल वीडियो लिंक हो सकते हैं फर्जी, साइबर एक्सपर्ट्स ने दी चेतावनी

प्रीति पासवान: शारीरिक अंतर से सामने आया सच

भोजपुरी स्टेज डांसर और डिजिटल क्रिएटर प्रीति पासवान (Preeti Paswan) के नाम से जून 2026 में 1 मिनट 48 सेकंड का एक आपत्तिजनक वीडियो टेलीग्राम पर वायरल किया गया. प्रीति पासवान ने 8 जून को सोशल मीडिया पर आकर इस वीडियो का पुरजोर खंडन किया. उन्होंने वीडियो में दिख रही महिला और खुद के बीच शारीरिक असमानताओं को उजागर करते हुए बताया कि उनके चेहरे पर एक विशिष्ट तिल और कंधे पर एक टैटू है, जो वायरल वीडियो में दिख रही महिला के शरीर पर कहीं नहीं है। इससे यह साफ हो गया कि वीडियो में वह नहीं हैं.

प्रीति पासवान ने वायरल वीडियो को खारिज किया

हेतल परमार और पायल गेमिंग: एआई डीपफेक का शिकार

गुजराती लाइफस्टाइल इन्फ्लुएंसर हेतल परमार को मार्च 2026 में निशाना बनाया गया. पारंपरिक और पारिवारिक मूल्यों पर कंटेंट बनाने वाली हेतल ने 14 मार्च को इंस्टाग्राम पर बयान जारी कर बताया कि यह वीडियो एआई (AI) द्वारा निर्मित एक डीपफेक है, जिसमें किसी अन्य महिला के शरीर पर उनका चेहरा मॉर्फ किया गया है। उन्होंने इसके खिलाफ कानूनी कदम उठाए हैं.

इसी तरह का एक बड़ा मामला भारत की मशहूर ई-स्पोर्ट्स गेमर और यूट्यूबर पायल धारे (Payal Gaming) का है. दिसंबर 2025 में उनके नाम से एक 19 मिनट का फर्जी वीडियो फैलाया गया था.  पायल ने तुरंत महाराष्ट्र साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। फॉरेंसिक जांच में वीडियो के डीपफेक साबित होने के बाद, साइबर सेल ने जनवरी 2026 में तकनीकी फुटप्रिंट्स का पीछा करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जिस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है. यह भी पढ़ें: Priti Paswan Viral Video: प्रीति पासवान वायरल वीडियो स्कैम, 1 मिनट 48 सेकंड की कथित क्लिप पड़ सकती है भारी; खाली हो सकता है बैंक खाता

वायरल MMS लीक विवाद के बाद हेतल परमार का जवाब

पायल गेमिंग को डीपफेक सर्टिफ़िकेट मिला

 

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सानिया भारद्वाज और सोफिया एसके: विश्वासघात और ब्लैकमेलिंग

हिमाचल प्रदेश की इन्फ्लुएंसर सानिया भारद्वाज ने 16 जून 2026 को धर्मशाला में हुए एक वीडियो लीक विवाद पर अपनी चुप्पी तोड़ी. उन्होंने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि इस कठिन समय में उन्हें अपनों का साथ नहीं मिला, लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय पुलिस की मदद से मुख्य अपराधी को सलाखों के पीछे पहुंचाने का फैसला किया है.

वहीं, बंगाली कंटेंट क्रिएटर सोफिया एसके (पल्ली ग्राम टीवी के मुख्य चेहरे) का मामला सीधे तौर पर निजता के हनन और ब्लैकमेलिंग से जुड़ा है. सोफिया और उनकी पार्टनर दुस्तु सोनाली का एक साल पुराना निजी वीडियो उनके ही एक करीबी दोस्त ने मोबाइल का पासकोड चुराकर लीक कर दिया था. जब इस जोड़े ने दोस्त की ब्लैकमेलिंग के आगे झुकने से इनकार कर दिया, तो उसने इसे ग्रामीण मनोरंजन मंचों पर अपलोड कर दिया, जिसके बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है.

MMS वीडियो लीक मामले पर सानिया भारद्वाज

 

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गैर-सहमति से मीडिया प्रसारित करने के कानूनी परिणाम

भारतीय कानून में किसी की सहमति के बिना उसकी निजी या मॉर्फ्ड तस्वीरों और वीडियो को इंटरनेट पर फैलाना, होस्ट करना या दूसरों को फॉरवर्ड करना एक गंभीर और दंडनीय अपराध है. देश की विभिन्न साइबर कानून एजेंसियां लगातार इंटरनेट यूजर्स को चेतावनी दे रही हैं कि ऐसी सामग्री की मांग करना या इसे साझा करना जेल की हवा खिला सकता है.

अपराध लागू कानून अधिकतम सजा (पहली बार के लिए)
अश्लील सामग्री का प्रकाशन/प्रसारण आईटी एक्ट, धारा 67A 5 साल तक की कैद और ₹10 लाख का जुर्माना
डीपफेक के जरिए मॉर्फिंग / पहचान की चोरी आईटी एक्ट, धारा 66D 3 साल तक की कैद
बिना सहमति के फिल्मांकन / वोयेरिज्म भारतीय न्याय संहिता (BNS), धारा 77 3 साल तक की कैद

साइबर एक्सपर्ट्स और कानून प्रवर्तन अधिकारियों की सलाह है कि यदि कोई भी व्यक्ति इस प्रकार के डिजिटल उत्पीड़न या ब्लैकमेलिंग का शिकार होता है, तो वह अपराधियों से सीधे उलझने या डरने के बजाय तुरंत स्थानीय साइबर क्राइम यूनिट में शिकायत दर्ज कराए या सरकार के आधिकारिक नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर मामले की रिपोर्ट करे.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 19, 2026 12:53 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).