“इसके पीछे दो कारण थे. पहला, लेफ्ट-राइट बल्लेबाजी कॉम्बिनेशन दो ऑफ-स्पिनर्स को परेशान करता था. दूसरा, मुरलीधरन चेन्नई सुपर किंग्स (2008-2010) के लिए खेल चुके थे और एमएस तीन सीज़न तक उनके साथ नेट्स में बल्लेबाजी कर चुके थे.” यानी सचिन का मानना था कि धोनी को मुरलीधरन और सुरज रणदीव जैसे ऑफ-स्पिनरों को समझना आसान रहेगा, साथ ही लेफ्ट-राइट कॉम्बिनेशन भी श्रीलंकाई गेंदबाजों को दबाव में डालेगा.
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