आरोपी निवेशकों को मशहूर ब्रोकरेज कंपनियों के नाम पर फर्जी विज्ञापन दिखाते थे और उनसे संपर्क करने पर उन्हें ‘Aditya Birla Stock Elite 678’ जैसे व्हाट्सएप चैनलों में जोड़ दिया जाता था. इसके बाद वे यूजर्स को एक नकली ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड करवाते, जिसमें फर्जी लाभ दिखाकर बार-बार निवेश के लिए उकसाया जाता था
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