हरमनप्रीत का यह संदेश न सिर्फ भारतीय क्रिकेट के लिए बल्कि पूरे खेल जगत के लिए प्रेरणादायक बन गया। उन्होंने यह साबित कर दिया कि अब क्रिकेट में जेंडर की कोई सीमा नहीं रही. यह हर उस इंसान का खेल है जो जुनून और मेहनत से अपने सपनों को सच करना जानता है.
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