⚡उज्जैन की शशिकला रावल ने 80 वर्ष की उम्र में संस्कृत में पीएचडी पूरी की
By Snehlata Chaurasia
ऐसा कहा जाता है पढ़ने लिखने की कोई उम्र नहीं होती है, हर व्यक्ति जीवन भर कुछ न कुछ सिखता है और आगे बढ़ता रहता है. ऐसा ही एक उदाहरण पेश किया है उज्जैन की 80 वर्षीय शशिकला रावल ने 80 की उम्र में संस्कृत में पीएचडी की डिग्री हासिल की.