जन्म लेने से पूर्व ही, मनुष्य का ध्वनि से सहज संबंध स्थापित हो जाता है. यह संबंध मृत्युपर्यन्त जारी रहता है. मनुष्य के सामान्य अनुभव से, यह सर्वविदित है कि, गर्भस्थ शिशु भी विविध ध्वनियों को सुनकर प्रतिक्रिया व्यक्त करता है. जब यही ध्वनि निर्दिष्ट लय, ताल के साथ, अनुभूतियों को व्यक्त कर रस उत्पन्न करे, तो उसे संगीत कहते हैं...
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