विश्व प्रसिद्ध टाइमेक्स एवं रोलेक्स शुरुआत में जब शो रूम में रखी जाती थीं तब उनमें 8.20 का समय दर्शाया जाता था, ताकि कस्टमर ऊपर अंकित घड़ियों के निर्माता का नाम आसानी से देख सकें. लेकिन बाद में सूइयों की दशा दिशा बदल दी गई, क्योंकि घड़ी निर्माताओं को 8.20 के समय में उदासी के भाव दिखते थे, जो नकारात्मकता का संकेत माना जाता था.
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