वास्तु शास्त्र में ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा को सबसे पवित्र दिशा माना जाता है. यह दिशा जल तत्व की होना बताया जाता है, और इस स्थान को भगवान के मंदिर के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है. इसलिए बिल्डर निर्माता इस स्थान के लिए खुली जगह चुनते हैं, जहां सकारात्मक ऊर्जा का प्रसार बना रहता है.
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