⚡ जानें कब है नववर्ष की पहली संकष्टी चतुर्थी व्रत! पूजा विधान, महत्व एवं मुहूर्त!
By Rajesh Srivastav
सनातन धर्म में किसी भी कार्य का शुभारंभ अथवा देवी-देवता की व्रत-पूजा से पूर्व श्रीगणेश जी की पूजा का विधान है. मान्यता है कि श्रीगणेश की पूजा करने के बाद ही जातक की अन्य पूजा संपूर्ण मानी जाती है, और तभी उसकी इच्छित मनोकामनाएं पूरी होती हैं.