प्रत्येक वर्ष कार्तिक माह कृष्ण पक्ष की अष्टमी को अहोई अष्टमी के नाम से मनाया जाता है. इस दिन माताएं अपने बच्चों की दीर्घायु, अच्छी सेहत और सुखद भविष्य हेतु निर्जल उपवास रखती हैं, प्रदोष काल में देवी अहोई की पूजा करती हैं, और रात में तारों को देखने के बाद व्रत का पारण किया जाता है...
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