आज विकास की होड़ में मनुष्य के पास अपने लिए वक्त नहीं है. पैसे तो वह खूब कमा रहा है, लेकिन शांति और सेहत को लेकर वह सबसे ज्यादा लापरवाह होता है. यही वजह है कि वह आये दिन सेहत संबंधी समस्याओं से घिरा-जकड़ा रहता है. अब जबकि नववर्ष 2021 के महज कुछ घंटे शेष रह गये हैं, क्या अच्छा नहीं होगा कि हम सब कुछ छोड़कर कुछ अपने लिए सोचें!
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