अंग्रेजी हुकूमत से आजादी मिलने के वक़्त भारत 565 रियासतों में बँटा हुआ था, इन्हें एक राष्ट्र के तले लाना मेढक तौलने से कम नहीं था, लेकिन सरदार वल्लभ भाई पटेल ने इस असंभव कार्य को बड़ी सूझ-बूझ से संभव कर दिखाया. हैदराबाद जूनागढ़, कश्मीर जैसे कुछ रियासतों द्वारा ना-नुकूर करने पर उन्हें साम-दाम-दंड-भेद से दबाकर भारत को एकता के सूत्र में पिरोया, और भारत को एक सशक्त राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.
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