हिंदू धार्मिक अनुष्ठानों में कलश का विशेष महत्व है. कलश वस्तुतः शुद्ध जल से भरा पात्र, जिसके ऊपर आम के पत्ते और एक नारियल रखा होता है, मूल स्रोत का प्रतिनिधित्व करता है. वैदिक साहित्य में जल को जीवन का स्रोत बताया गया है और पात्र में जल भरकर, श्रद्धालु प्रतीकात्मक रूप से ब्रह्मांडीय गर्भ का आह्वान करते हैं, यानी जीवन के स्रोत के साथ-साथ ब्रह्मांड को भी स्वीकार करते हैं. हिंदू धर्म शास्त्रों में यह पात्र आज संसार की एक छोटी प्रतिकृति मानी जाती है, जो उर्वरता और निरंतरता की भावना को बनाए रखता है.
...