एक समय था, जब होली का पर्व आपसी भाईचारा, सौहार्द और सद्भावना का प्रतीक माना जाता था, लोग पुराने वैर-भाव भूलकर होली के रंग में डूब जाते थे, फगुवा गाते, नृत्य करते और गुझिया एवं मिठाइयों का स्वाद लेते थे, लेकिन बदलते वक्त के साथ होली के रंग निरंतर बदरंग हो रहे हैं.
...