इतिहास के पन्नों में 26 अक्टूबर 1947 एक ऐसे दिन के रूप में दर्ज है, जब जम्मू-कश्मीर ने भारत के साथ अपनी नियति जोड़ी. यह सिर्फ एक राजनीतिक निर्णय नहीं था, बल्कि एक ऐसा क्षण था जिसने स्वतंत्र भारत की भौगोलिक और भावनात्मक एकता को पूर्ण किया. महाराजा हरि सिंह का यह निर्णय आज भी भारतीय अखंडता और एकता के प्रतीक के रूप में याद किया जाता है.
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