ज्योतिषीय गणना के अनुसार अमावस्या तिथि के स्वामी पितृदेव होते हैं, इसलिए श्राद्ध कर्म या पितर शांति के लिए यह दिन भी उत्तम माना जाता है. साल में दो बार सोमवती अमावस्या का योग बनता है. साल की अंतिम सोमवती अमावस्या इस बार मार्गशीर्ष मास के कृष्णपक्ष की अंतिम तिथि 14 दिसंबर 2020 को पड़ रही है.
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