भारत में स्त्री-शिक्षा के प्रति लंबे समय तक निष्क्रियता रही है. महिलाओं की जिंदगी रसोईघर में खाना बनाने से लेकर वंश परंपरा को आगे बढ़ाने तक सीमित था. लेकिन इस पुरानी सोचवाले समाज की परंपरा को ध्वस्त किया, सावित्री बाई फुले ने, जिसने अशिक्षित होने के बावजूद शादी के बाद पति की प्रेरणा से शिक्षा हासिल किया
...