साल के 24 एकादशियों में इस एकादशी का विशेष महात्म्य है, इन्हीं दिनों भगवान श्रीहरि अपनी योग निद्रा से जागने के उपक्रम में होते हैं. पद्म पुराण के अनुसार रमा एकादशी व्रत करने से कामधेनि और चिंतामणि के समान फल की प्राप्ति होती है. यह व्रत करने से मां लक्ष्मी के साथ-साथ भगवान श्रीहरि की भी कृपा बरसती है. जानें व्रत का महात्म्य और पूजा-विधान व शुभ मुहूर्त एवं पारंपरिक कथा
...