शून्य का आविष्कार और उसके सिद्धांतों को भारत (ब्रह्मगुप्त 628 ई) ने परिभाषित किया था, इसके बाद दुनिया में शेष नंबरों का मूल्यांकन बढ़ा और गणित को एक नई दशा-दिशा मिली. गणित के संदर्भ में इस भारतीय दृष्टिकोण को आगे बढ़ाया महान गणितज्ञ श्रीनिवास अयंगर रामानुजन ने, जिनके जन्म दिन (22 दिसंबर) पर श्रद्धांजलि स्वरूप भारत में राष्ट्रीय गणित दिवस मनाया जाता है
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