जुड़ शीतल के पर्व में सतुआइन के अगले दिन चूल्हा नहीं जलाया जाता है और इसके लिए पर्व के पहले दिन ही भोजन तैयार कर लिया जाता है. अगले दिन चूल्हा न जलने पर लोग सत्तू और बेसन से बना बासी भोजन खाते हैं. जुड़ शीतल के इस पावन अवसर पर आप इन शानदार विशेज, वॉट्सऐप स्टिकर्स, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, एचडी इमेजेस, वॉलपेपर्स के जरिए अपनों को मैथिली नववर्ष की हार्दिक बधाई दे सकते हैं.
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