लंबे समय से भारत में जातिवादी व्यवस्था, असमानता, अंधविश्वास एवं पाखंडवाद की नीति बहुत कठोर रही है, जिसका सामना समाज के निचले वर्ग को आये दिन करना पड़ता था. इस कुव्यवस्था से परेशान होकर डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर ने जिस दिन सम्राट अशोक ने बौद्ध धर्म की दीक्षा लेते हुए बौद्ध धर्म को स्वीकारा था, उसी क्रांति दिवस यानी 14 अक्टूबर के दिन बौद्ध धर्म को अपनाया था.
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