परंपरागत रूप से, अहोई अष्टमी (Ahoi Ashtami 2022) पर माताएं अपने पुत्रों की भलाई के लिए सुबह से शाम तक उपवास करती हैं, हालांकि, आधुनिक भारत में सभी बच्चों की भलाई के लिए यानी बेटों के साथ-साथ बेटियों के लिए भी व्रत रखा जाता है. आकाश में तारे देखने के बाद शाम के समय उपवास तोड़ा जाता है....
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