By Shivaji Mishra
भारत में 'गाली-गलौज' अब आम बातचीत का हिस्सा बन चुकी है. कोई इसे अपमान मानता है, तो कोई इसे स्वैग या मॉर्डन बातचीत का तरीका कहता है.