भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने एक ऐतिहासिक फैसले में स्पष्ट किया है कि वयस्कों द्वारा अपनी मर्जी से सेक्स वर्क करना भारतीय कानून के तहत अवैध नहीं है. कोर्ट ने कहा कि अनैतिक व्यापार अधिनियम (ITPA) के तहत पुलिस के पास सहमति से यह कार्य करने वाले वयस्कों को गिरफ्तार करने या प्रताड़ित करने का कोई अधिकार नहीं है. इसके साथ ही, अदालत ने किसी भी सेक्स वर्कर को उसकी इच्छा के विरुद्ध जबरन पुनर्वास केंद्र में भेजने पर भी रोक लगा दी है.
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