देश में कोयले की किल्लत से बिजली उत्पादन प्रभावित होने के साथ ही बिहार में इसका असर दिखना शुरू हो गया है. कई जिलों में पिछले कुछ दिनों से 10 घंटे से अधिक बिजली गुल रहती है. एक अधिकारी के मुताबिक, बिहार को 6,500 मेगावाट बिजली की जरूरत है, लेकिन राज्य सरकार सिर्फ 4,700 मेगावाट बिजली ही हासिल हासिल कर पाती है.
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