कृषि कानूनों को लेकर घमासान अब और बढ़ गया है. दरअसल केंद्र और किसान नेताओं के बीच बात बनती नहीं दिख रही है. सरकार जहां किसानों की बात मानने को तैयार नहीं दिख रही है वहीं किसान भी अपनी मांग पर अड़े हुए हैं. इसी बीच केंद्र की मोदी सरकार की तरफ से किसानों को 20 पन्नों का लिखित प्रस्ताव दिया है. किसानों का कहना है कि हम पहले इसे पढेंगे फिर कोई फैसला लेंगे.
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