सरकार ने योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए तकनीक का व्यापक उपयोग किया है. 12वीं किस्त से भूमि रिकॉर्ड सत्यापन (Land Seeding), 13वीं किस्त से आधार और बैंक खाते की लिंकिंग तथा DBT को अनिवार्य किया गया. वहीं 15वीं किस्त से ई-केवाईसी (e-KYC) भी जरूरी कर दिया गया. इस तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था ने बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह खत्म कर दी है.
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