रेड्डी ने कहा, "चंद्रबाबू नायडू की हताशा समझ में आ रही है, वह सोच रहे होंगे कि अगर जगन मोहन रेड्डी की सरकार जिस तरह से जनकल्याणकारी योजनओं के साथ आगे बढ़ रही है और पार्टी ऐसे ही आगे बढत़ी रही तो, वह और उनकी पार्टी गुमनामी के अंधेरे में खो जाएंगे."
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