इस घटना के बाद जिंक फॉस्फाइड जैसे खतरनाक रसायनों की उपलब्धता और इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं. अधिकारियों ने ऐसे जहरीले पदार्थों के सुरक्षित भंडारण और सावधानी से इस्तेमाल की जरूरत पर जोर दिया है. फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद अब मौत की वजह साफ हो चुकी है, लेकिन जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर परिवार के शरीर में यह जहर किस परिस्थिति में पहुंचा.
...