By Nizamuddin Shaikh
जानते हैं, वे छह लोग कौन थे, जिनकी जान इस बम धमाके में चली गई— बिना यह जाने कि एक चुपचाप शाम उनकी ज़िंदगी की आख़िरी बन जाएगी.