जांच के दौरान पुलिस ने शव की पहचान शुरू कर दी. जिसके बाद मृतक की पहचान अखिलेश किरार के रूप में हुई. इस दौरान पुलिस के हाथ कई अहम सुराग लगे. जिसके बाद पुलिस ने मृतक के बड़े भाई धीरज को शक के आधार पर पूछताछ करने लेकर आई. जब पुलिस ने थोड़ी दबिश दी तो धीरज अपने पापों को कबूलने लगा. उसने बताया कि उसके छोटे भाई के बीमा पॉलिसी थी. जो एक करोड़ रुपये की थी.
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